Leader of opposition in Uttar Pradesh

Shri Swami Prasad Maurya

Swami Prasad Maurya

From 16-03-2012 - till date

 Shri Swami Prasad Maurya - Profile

FULL NAME

Shri Swami Prasad Maurya

DATE OF BIRTH

02 January, 1954

PLACE OF BIRTH

Village and Post –Chakwad

Distt - Pratapgarh, U.P.

FATHER’S  NAME

Late Shri Badlu

MOTHER’S NAME

Late Shrimati Jagannathi Maurya

RELIGION

Buddhist

MARITAL STATUS

Married

CHILDREN

Daughter-One –Dr. Sanghamitra

Son- One – Mr. Utkrust Maurya (Ashok)

BROTHERS

Three (Youngest in brothers)

SISTER

One (Youngest )

EDUCATION

M.A., L L.B. (Allahabad University)

OCCUPATION

Agriculture and Law (Legal Practioner)

(Honourable Allahabad High Court)

 

POLITICAL LIFE

            In 1980 started active political life fromAllahabad as a convenor of Yuva Lokdal.

            Member of State Executive Committee of U.P. Yuva Lokdal in 1981. Mahamantri of U.P. Lokdal from June 1981 to 1989.

            Chief General Secretary of U.P. Lokdal from 1989 to 1991.

            General Secretary of Janta Dal from 1991 to 1995.

            In 1996 before the general election of Parliament he opposed the coalition of Janta Dal with Samajwadi Party and resigned from Janta Dal. On 02nd January, 1996 in the presence of then National General Secretary Ms. Bahin Mayawati ji in Ravindralaya at Lucknow, with Leaders and Workers expressed faith in the leadership of Manyawar Kansiram ji and announced his joining of Bahujan Samaj Party. Ms. Mayawati ji appointed him as General Secretary of Bahujan Samaj Party, Uttar Pradesh  and was also given the responsibility  of State Vice President till Lok Sabha Election. On 08thJanuary, 2008 the National President of Bahujan Samaj Party Ms. Mayawati ji nominated him as the  State President of Bahujan Samaj Party and he has discharged the duties of State President till 10th July, 2012.

            In 1996 he was elected as Member of Legislative Assembly from the Constituency No. 96, Dalmau, Distt. Raibareli as candidate of Bahujan Samaj Party.

            Appointed as a Cabinet Minister in Bahujan Samaj Party and Bhartiya Janta Party  coalition government and held the portfolio of Khadi and Rural Industries Department From 27th  March to 19thOctober, 1997.

            When Mayawati ji was elected as Member of Parliament he was given responsibility of leadership of Bahujan Samaj Party in the Legislative Assembly and on 18th  September, 2001 designated the Leader of Opposition till 17th  October, 2001.

            In 2002 again was elected from Assembly Constituency No. 96, Dalmau, Raibareli as a candidate of Bahujan Samaj Party and became Minister from 3rdMay, 2002 to 29th  August, 2003 in the coalition government of Bahujan Samaj Party and Bhartiya Janta Party lead by Mayawati ji. Appointed as a Cabinet Minister and held the portfolio of Khadi and Rural Industries as well as Leader of Legislative Council from 06th  May, 2002 to 29th  August, 2003.

            After the resignation of Ms. Mayawati ji from Legislative Assembly again became the Leader of Legislative Assembly Bahujan Samaj Party and from 30th  August, 2003 to 07th  September, 2003 remained Leader of Opposition.

            In the General elections held in the year 2007 he was not elected. Ms. Mayawati ji became the Chief Minister of Uttar Pradesh for the fourth time and appointed him as Cabinet Minister and he held the portfolio of Revenue Minister and was elected for Legislative Council on 29th  June, 2007 and also given additional charge of Cooperative Minister as well as Leader of Legislative Council from 17th  May, 2007 to  30th  May, 2009.

            In the year 2009 he was elected as an M.L.A. from Constituency No. 181, Padrauna, Distt. Kushinagar and appointed as a Cabinet Minister   on

15th  November, 2009 and held the portfolio of Panchayati Raj Minister and Leader of Legislative Council from 18th  November, 2009 to 15th  March, 2012.

            He was also given the Department of Land Development and Water Resources from 08th  April, 2011 and additional charge of Dr. Ambedkar Rural Entire Development Department from 01st December, 2011.

            In General elections of the Asssembly this year 2012 he was elected as an M.L.A. from the Constituency No.330, Padrauna, Distt. Kushinagar and was for the third time designated as the Leader of Opposition, Uttar Pradesh Legislative Assembly from 16th  March, 2012 to till date.

 

CONTRIBUTIONS

            Gave up Legal Practice due to his Political and Social activities.

            In order to make applicable the recommendations of Uttar Pradesh Mandal Commmission he launched the campaign under the banner of Uttar Pradesh Reservation Manch organised programmes to awaken the Dalit/Backward Classes as well as to unite scattered Maurya, Kushwaha, Shakya and Saini societies. For the esteem, self respect and rights of Dalits/Backward Classes organised gathering demonstrations and agitation and was arrested himself and was imprisoned due to Satyagraha.

            He is a reliable and devoted worker/official of the organisation and the party. Exhibited full efficiency and established a unique example of intrepidity, commitment, truthfulness, eloquence  and vociferousness in the public by working in various capacities in the government and opposition.

 

 

 

 

श्री स्‍वामी प्रसाद मौर्य का जीवन-परिचय

नाम

श्री स्‍वामी प्रसाद मौर्य 

पद

मा., नेता विरोधी दल, उत्‍तर प्रदेश विधान सभा

जन्‍म तिथि

02 जनवरी, 1954

जन्‍म स्‍थान 

ग्राम व पो.- चकवड़, जनपद- प्रतापगढ़, उ0 प्र0

पिता का नाम

स्‍व. श्री बदलू

माता का नाम

स्‍व. श्रीमती जगन्‍नाथी मौर्य

धर्म 

बौद्ध

वैवाहिक स्थिति

विवाहित

संतान

दो

एक पुत्री डा. संघमित्रा एवं एक पुत्र उत्‍कृष्‍ट मौर्य(अशोक)

भाई  

तीन (भाइयों में सबसे छोटे)

बहिन 

एक (सबसे छोटी)

शिक्षा

एम.ए.,, एलएल.बी. (इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय)

व्‍यवसाय    

कृषि एवं विधि (वकालत)

(मा. उच्‍च न्‍यायालय, इलाहाबाद)

राजनीतिक जीवन

  • 1980 में इला‍हाबाद युवा लोकदल के संयोजक के रूप में आपने सक्रिय राजनीति की शुरूआत की।
  • 1981 में आज उ. प्र. युवा लोकदल की प्रदेश कार्य समिति के सदस्‍य बने तथा जून, 1981 से सन् 1985 तक उ. प्र. युवा लोकदल के महामंत्री पद पर भी आसीन रहे।
  • 1986 से 1989 तक आप उ. प्र. लोकदल के महामंत्री पद पर आसीन रहे।
  • 1989 से 1991 तक आप उ. प्र. लोकदल के मुख्‍य महासचिव रहे।
  • 1991 से 1995 तक आप उ. प्र. जनता दल के  महासचिव रहे।
  • 1996 में उ. प्र. विधान सभा के आम चुनावों से पूर्व जनता दल एवं समाजवादी पार्टी के गठबंधन का विरोध करते हुए जनता दल से त्‍याग पत्र देने के उपरान्‍त 02 जनवरी, 1996 को बहुजन समाज पार्टी की तत्‍कालीन राष्‍ट्रीय महासचिव सुश्री बहिन मायावती जी की उपस्थिति में लखनऊ के रवीन्‍द्रालय में  आपने कार्यकर्ताओं/ साथियों के साथ मान्‍यवर कांशीराम जी के नेतृत्‍व में आस्‍था व्‍यक्‍त करते हुए बहुजन समाज पार्टी में सम्मिलित होने की घोषणा की एवं घोषणा के उपरान्‍त ही सुश्री मायावती जी द्वारा बहुजन समाज पार्टी, उत्‍तर प्रदेश का महासचिव नियुक्‍त किया गया एवं बाद में लोक सभा चुनाव तक के लिए संगठन को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश उपाध्‍यक्ष का दायित्‍व भी सौंपा गया। तदन्‍तर पुन: प्रदेश महासचिव के रूप में संगठन का दायित्‍व संभालते रहे और इसी क्रम में 08 जनवरी, 2008 को बहुजन समाज पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सुश्री बहिन कु. मायावती जी द्वारा आपको बहुजन समाज पार्टी का प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया गया तथा सम्‍प्रति प्रदेश अध्‍यक्ष के पद का निर्वहन आज भी आपके द्वारा किया जा रहा है।
  • 1996 में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्‍यासी के रूप में विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र संख्‍या-96 डलमऊ, जनपद- रायबरेली से उ. प्र. विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित हुए।
  • दिनांक 27 मार्च, 1997 से 19 अक्‍टूबर, 1997 तक बहुजन समाज पार्टी एवं भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेकर खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के दायित्‍वों का निर्वहन किया।
  • सुश्री मायावती जी के सांसद चुने जाने पर उत्‍तर प्रदेश बहुजन समाज पार्टी में नेता विधान मण्‍डल दल तथा उत्‍तर प्रदेश विधान सभा में दिनांक 18 सितम्‍बर, 2001 को नेता विरोधी दल की जिम्‍मेदारी का दायित्‍व आपको सौंपा गया तथा इस पद की गरिमा के अनुरूप आपने भली भांति दिनांक 17 अक्‍टूबर, 2001 तक इस पद का निर्वहन किया।
  • वर्ष 2002 में उत्‍तर प्रदेश विधान सभा के आम चुनाव में पुन: विधान सभा क्षेत्र 96- डलमऊ, रायबरेली से बहुजन समाज पार्टी से दोबारा विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित होकर 03 मई, 2002 से 29 अगस्‍त, 2003 तक सुश्री मायावती जी के नेतृत्‍व वाली बहुजन समाज पार्टी एवं भारतीय जनता पार्टी की गठबंधन सरकार में पुन: कैबिनेट मंत्री की शपथ लेकर खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के मंत्री के साथ ही साथ दिनांक 06 मई, 2002 से 29 अगस्‍त, 2003 तक उत्‍तर प्रदेश विधान परिषद् में नेता सदन के दायित्‍वों का भी निर्वहन किया।
  • सुश्री मायावती जी के द्वारा विधान सभा से इस्‍तीफा दिये जाने के उपरान्‍त आप पुन: नेता विधान मण्‍डल दल बहुजन समाज पार्टी एवं उत्‍तर प्रदेश विधान सभा में दिनांक 30 अगस्‍त, 2003 को नेता विरोधी दल पद पर आसीन हुए तथा दिनांक 07 सितम्‍बर, 2003 तक इस पद पर आसीन रहे।
  • वर्ष 2007 के विधान सभा चुनाव में निर्वाचित न होने पर दिनांक 13 मई, 2007 को उत्‍तर प्रदेश बहुजन समाज पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार में सुश्री मायावती के नेतृत्‍व में आप चौथी बार कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेकर राजस्‍व मंत्री के पद पर आसीन हुए तथा आप दिनांक 29 जून, 2007 को विधान परिषद् सदस्‍य निर्वाचित हुए। आप सहकारिता मंत्री के दायित्‍वों के साथ ही साथ दिनांक 17 मई, 2007 से दिनांक 30 मई, 2009 तक नेता सदन, विधान परिषद् के पद पर आसीन रहे।
  • नवम्‍बर, 2009 में उत्‍तर प्रदेश विधान सभा के उप चुनाव में विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 181, पडरौना, जनपद- कुशीनगर से विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित हुए।
  • दिनांक 15 नवम्‍बर, 2009 को पांचवीं बार कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेकर पंचायतीराज मंत्री के पद पर आसीन हुए एवं वर्तमान में पंचायती राज के दायित्‍वों के साथ ही साथ दिनांक 18 नवम्‍बर, 2009 से नेता सदन विधान परिषद् के पद पर 15 मार्च, 2012 तक आसीन रहे।
  • दिनांक 08 अप्रैल, 2011 को आपको भूमि विकास जल संसाधन एवं दिनांक 01 दिसम्‍बर, 2011 को डा0 अम्‍बेडकर ग्रामीण समग्र विकास विभागों का दायित्‍व भी सौंपा गया।
  • वर्ष 2012 के विधान सभा आम चुनाव में पुन: विधान सभा क्षेत्र 330, पडरौना, जनपद- कुशीनगर से विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित हुए।
  • दिनांक 16 मार्च, 2012 को आप तीसरी बार उ0 प्र0 विधान सभा में नेता विरोधी दल के पद पर आसीन हुए हैं।

उल्‍लेखनीय योगदान

  • सामाजिक तथा राजनीतिक रूप से व्‍यस्‍त होने के कारण वकालत से सन्‍यास।
  • उत्‍तर प्रदेश मण्‍डल आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने के लिए उत्‍तर प्रदेश आरक्षण मंचबैनर तले जोरदार मुहिम छेड़ते हुए अनेक छोटे-बड़े कार्यक्रम दलित/पिछड़े वर्गों में चेतना जगाने का कार्य किया साथ ही साथ पिछड़े वर्ग के बिखरे हुए मौर्य, कुशवाहा, शाक्‍य एवं सैनी समाज को एकजुट करने के लिए प्रदेश स्‍तर पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित कर संगठित करने का कार्य किया। दलित/ पिछड़ों के सम्‍मान, स्‍वाभिमान तथा उनके अधिकार दिलाने के लिए अनेक बार धरना, प्रदर्शन एवं आन्‍दोलनों के कारण कई बार गिरफ्तारियां दी तथा सत्‍याग्रह के माध्‍यम से 40 दिनों की अवधि तक जेल में भी रहे।
  • आपने हमेशा संगठन एवं पार्टी के प्रति निष्‍ठावान एवं विश्‍वसनीय कार्यकर्ता/ पदाधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई तथा सरकार एवं विपक्ष एवं अनेक महत्‍वपूर्ण पदों पर रहकर अपनी क्षमता का पूर्ण रूप से प्रदर्शन कर निर्भीकता, स्‍पष्‍टवादिता, वाकपटुता एवं मुखरवक्‍ता के रूप में अपनी एक अलग पहचान स्‍थापित करते हुए जनता के प्रति वचनबद्धता की एक अनूठी मिसाल कायम की।
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